साथ चले जब मौसम राही कभी बदल गए मौसम यही फिर याद रहे बसन्त हमारे ।। साथ चले जब मौसम राही कभी बदल गए मौसम यही फिर याद रहे बसन्त हमारे ।।
महिलाएं बदल सकती हैं इस दुनिया की तस्वीर जरा उन्हें कदम मिलाकर चलने तो दो महिलाएं बदल सकती हैं इस दुनिया की तस्वीर जरा उन्हें कदम मिलाकर चलने तो दो
एक कविता लिखी है मैंने, जिसमे तेरे होने की बात की है। एक कविता लिखी है मैंने, जिसमे तेरे होने की बात की है।
दर्द ज़िंदगी के कुछ इस कदर बढ़ गए कभी गीत तो कभी गजल बन गए जब से निकाल फेंका आप ने दि दर्द ज़िंदगी के कुछ इस कदर बढ़ गए कभी गीत तो कभी गजल बन गए जब से निकाल फें...
एक वायरस ने आकर , बना दी कितनी दूरी , दो प्रेमियों के बीच। एक वायरस ने आकर , बना दी कितनी दूरी , दो प्रेमियों के बीच।
तुम जब सिमट के मेरी बाहो में आ गए , लाखो अरमां पल में पूरे हो गए । देखा था हमने ख तुम जब सिमट के मेरी बाहो में आ गए , लाखो अरमां पल में पूरे हो गए । द...